Chhapak/छपाक Title Song Lyrics in hindi,english,bangali|Arijit Singh

Chhapak Title song lyrics in hindi, english,bangali from movie Chhapak sung by Arijit singh and the song is written by Gulzar.music composed by shankar ehsaan loy.


Song: Chhapak title song
Singer: Arijit singh
Lyrics: Gulzar
Composer: Shankar Ehshaan loy.
Starring: Deepika padukone,Vikrant                             massy.
Movie: Chhapak
Music Label: Zee music



छपाक सांग लिरिक्स हिन्दी में

"कोई चेहरा मिटा के,और आँख से हटा के,
चंद छीटें उड़ा के जो गया,छपाक से पहचान ले गया,,
एक चेहरा गिरा, जैसे मोहरा गिरा,
जैसे धूप को ग्रहण लग गया,
छपाक से पहचान ले गया,,

ना चाह ना चाहत कोई,
ना कोई ऐसा वादा है,,
        हा

ना चाह ना चाहत कोई,
ना कोई ऐसा वादा है,,
हाँथ में अंधेरा, और आंख में इरादा,

कोई चेहरा मिटा के,और आँख से हटा के,
चंद छीटें उड़ा के जो गया,छपाक से पहचान ले गया,,
एक चेहरा गिरा, जैसे मोहरा गिरा,
जैसे धूप को ग्रहण लग गया,
छपाक से पहचान ले गया,,

बेमानी सा जनून था, बिना आग के धुँआ,


बेमानी सा जनून था, बिना आग के धुँआ,,
ना होस ना ख्याल, सोच अंधा कौन!

कोई चेहरा मिटा के,और आँख से हटा के,
चंद छीटें उड़ा के जो गया,छपाक से पहचान ले गया,,
एक चेहरा गिरा, जैसे मोहरा गिरा,
जैसे धूप को ग्रहण लग गया,
छपाक से पहचान ले गया,,


आरजू थी शौक थे,वो सारे हट गए,
कितने सारे जीने के तागे कट गए,,
आरजू थी शौक थे,वो सारे हट गए,
कितने सारे जीने के तागे कट गए,

सब झुलस गया, कोई चेहरा मिटाके,

एक चेहरा गिरा, जैसे मोहरा गिरा,
जैसे धूप को ग्रहण लग गया,
छपाक से पहचान ले गया,,
छपाक से पहचान ले गया,

पहचान ले गया,
पहचान ले गया,,


Chhapak song lyrics in english



Koi chehra mita ke...
Aur aankh se hata ke...
Chand chhitein uda ke jo gaya...
Chhapak se pehchan le gaya...
Ek chehra gira,jaise mohra gira...
Jaise dhoop ko grahan lag gaya...
Chhapak se pehchan le gaya...

Na chah na chahat koi...
Na koi aisa wada hai...
           Ha...
Na chah na chahat koi...
Na koi aisa wada hai...
Haanth mein andhera,aur ankh mein irada...

Koi chehra mita ke...
Aur aankh se hata ke...
Chand chhitein uda ke jo gaya...
Chhapak se pehchan le gaya...
Ek chehra gira,jaise mohra gira...
Jaise dhoop ko grahan lag gaya...
Chhapak se pehchan le gaya...

Bemaani sa junoon tha...
Bina aag ke dhuaa...

Bemaani sa junoon tha...

Bina aag ke dhuaa...

Na hos na khyal,soch andha kaun....

Koi chehra mita ke...

Aur aankh se hata ke...

Chand chhitein uda ke jo gaya...

Chhapak se pehchan le gaya...
Ek chehra gira,jaise mohra gira...
Jaise dhoop ko grahan lag gaya...
Chhapak se pehchan le gaya...

Arzoo thi shauk the wo sare hat gaye...
Kitne sare jeene ke tage kat gaye...
Arzoo thi shauk the wo sare hat gaye...

Kitne sare jeene ke tage kat gaye...



Sab jhulas gaya...
Koi chehra mita ke...

Ek chehra gira,jaise mohra gira...

Jaise dhoop ko grahan lag gaya...

Chhapak se pehchan le gaya...

Chhapak se pehchan le gaya...

pehchan le gaya...
pehchan le gaya...



ছাপাক গানের লিরিক্স বাংলা



কোনও মুখ মুছুন, এবং চোখ থেকে সরিয়ে দিন,


 কে কয়েক স্প্ল্যাশ নিয়ে চলে গেল, স্প্ল্যাশের সাথে পরিচিত হল,

 মুখ পড়ল, পড়ার মতো পড়ল,

 সূর্যের আলো যখন গ্রহ হতে শুরু করেছিল,

 একটি স্প্ল্যাশ নিয়েছে,


 চান না, চান না,

 এরকম কোনও প্রতিশ্রুতি নেই

 হা


 চান না, চান না,

 এরকম কোনও প্রতিশ্রুতি নেই

 হাতে অন্ধকার, এবং চোখে অভিপ্রায়,


 কোনও মুখ মুছুন, এবং চোখ থেকে সরিয়ে দিন,

 কে কয়েক স্প্ল্যাশ নিয়ে চলে গেল, স্প্ল্যাশের সাথে পরিচিত হল,

 মুখ পড়ল, পড়ার মতো পড়ল,

 সূর্যের আলো যখন গ্রহ হতে শুরু করেছিল,

 একটি স্প্ল্যাশ নিয়েছে,


 অর্থহীন পরিবেশ ছিল, আগুন ছাড়া ধোঁয়া ছিল,

 এটি অর্থহীন ছিল, ধোঁয়া ছিল না, আগুন ছাড়া

 কোন চিন্তা নেই, চিন্তা নেই, কে অন্ধ!


 কোনও মুখ মুছুন, এবং চোখ থেকে সরিয়ে দিন,

 কে কয়েক স্প্ল্যাশ নিয়ে চলে গেল, স্প্ল্যাশের সাথে পরিচিত হল,

 মুখ পড়ল, পড়ার মতো পড়ল,

 সূর্যের আলো যখন গ্রহ হতে শুরু করেছিল,

 একটি স্প্ল্যাশ নিয়েছে,



 অর্জু খুব পছন্দ করল, সে সবাই চলে গেল,

 কত প্রাণ কেটেছিল,

 অর্জু খুব পছন্দ করল, সে সবাই চলে গেল,

 কত প্রাণ কেটেছিল,


 সমস্ত কিছু ঝলসে গেছে, কিছু মুখ মুছে গেছে,


 মুখ পড়ল, পড়ার মতো পড়ল,

 সূর্যের আলো যখন গ্রহ হতে শুরু করেছিল,

 একটি স্প্ল্যাশ নিয়েছে,

 স্প্ল্যাশ দিয়ে চিহ্নিত হয়েছে,


 বুঝেছি,

 নিয়ে গেছে















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