जिनके लिए/ Jinke Liye Song Lyrics -Neha Kakkar|B-Praak|Jaani

Jinke Liye Song Lyrics In English & Hindi sung by Neha Kakkar and this song is written by Jaani and music composed by B-Praak.

Song : Jinke liye
Singer : Neha Kakkar
Lyrics : Jaani
Composer : B-Praak
Music label : T-series

Jinke liye song lyrics in English

Tere liye meri ibaadatein wahi hain...
Tere liye meri ibaadatein wahi hain...
Tu sharam kar teri aadatein wahi hain...
Tu sharam kar teri aadatein wahi hain...

Jinke liye hum rote hain...

Ho jinke liye hum rote hain...
Wo kisi aur ki baahon mein sotey hain...
Jinke liye hum rote hain...
Wo kisi aur ki baahon mein sotey hain...

Hum galiyon mein bhatakte phirte hain...
Wo samandar kinaaron pe hote hain...
Jinke liye hum rote hain...
Wo kisi aur ki baahon mein sotey hain...

Paagal ho jaaoge aana kabhi na...
Galiyon mein unki jaana kabhi na...
Jaana kabhi na...

Hum zinda gaye qareeb unke...
Ab dekho mare huve laute hain...
Jinke liye hum rote hain...
Wo kisi aur ki baahon mein sotey hain...


La la ra ra ra...

Haathon se khelte honge ya pairon se...
Fursat kahaan ab unko hai ghairon se...
Haathon se khelte honge ya pairon se...
Fursat kahaan ab unko hai ghairon se...

Unki mohobatein har jagah...
Wo jo kehte thhe hum iklaute hain...
Jinke liye hum rote hain...
Wo kisi aur ki baahon mein sotey hain...

Kabhi yahaan baat karte ho...
Kabhi wahaan baat karte ho...
Aap bade log ho saahab...
Humse kaha baat karte ho...

Aaj uss shaqs ka naam bataayenge...
Jaani tha Jaani mile jis kaayar se...
Galti thi choti mohabbat kari jo...
Galti badi thi ki kar baithe shaayar se...

Aag ka dariya jafaa unki...
Har din lagaane gotey hain...
Jinke liye hum rote hain...
Kisi aur ki baahon mein sotey hain...

Aa aa...

Ho jinke liye hum rote hain...
Kisi aur ki baahon mein sotey hain...
Jinke liye hum rote hain...
Kisi aur ki baahon mein sotey hain ...

जिनके लिए सांग लिरिक्स हिंदी में

तेरे लिए मेरी इबादतें वही हैं,
तेरे लिए मेरी इबादतें वही हैं,,
तू शरम कर तेरी आदतें वही हैं,
तू शरम कर तेरी आदतें वही हैं,,

जिनके लिए हम रोते हैं ,
हो जिनके लिए हम रोते हैं ,,
वो किसी और की बाहों में सोते हैं,,                                                                                                                जिनके लिए हम रोते हैं ,,
वो किसी और की बाहों में सोते हैं,,

हम गलियों में भटके फिरते हैं,
वो समंदर किनारों पे होते हैं,,
जिनके लिए हम रोते हैं ,,
वो किसी और की बाहों में सोते हैं,,

पागल हो जाओगे आना कभी ना,
गलियों में उनकी जाना कभी ना,जाना कभी ना ,,
हम ज़िंदा गए करीब उनके ,
अब देखो मरे हुए लौटे हैं ,,
जिनके लिए हम रोते हैं ,,
वो किसी और की बाहों में सोते हैं,,

ला,ला,रा,रा,रा,

हांथों से खेलते होंगे या पैरों से ,
फुरसत कहाँ उनको है गैरों से,,
हांथों से खेलते होंगे या पैरों से ,
फुरसत कहाँ उनको है गैरों से,,

उनकी मोहब्बतें हर जगह ,
वो जो कहते थे हम इकलौते हैं,,
जिनके लिए हम रोते हैं ,,
वो किसी और की बाहों में सोते हैं,,

कभी यहां बात करते हो,कभी वहाँ बात करते हो,
आप बड़े लोग हो साहब हमसे कहाँ बात करते हो ,,

आज उस शक़्स का नाम बताएँगे ,
जानी था जानी मिले जिस कायर से,,
गलती थी छोटी मोहब्बत करी जो,
गलती बड़ी थी की कर बैठे शायर से,,

आग का दरिया जफ़ा उनकी ,
हर दिन लगाने गोते हैं,,
जिनके लिए हम रोते हैं ,,
वो किसी और की बाहों में सोते हैं,,

आ,आ,

हो जिनके लिए हम रोते हैं ,,
वो किसी और की बाहों में सोते हैं
जिनके लिए हम रोते हैं ,,
वो किसी और की बाहों में सोते हैं,,







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